Youtube Vs Tiktok in Hindi

आज हम बात करते है एक बड़े विवाद के बारे में जिसकी शुरवात हुई थी कुछ इस तरह कि सभी इस बहस में लगे थे कि कौन बहतर है यूट्यूब या फिर टिक टोक। 
YouTube-Tik Tok
सभी YouTube-Tik Tok का मज़ाक उड़ाने लगे, तभी इस विवाद को और तूल मिला जब "Carry Minati" नाम के Youtuber ने अपने चैनल पर टिक टोक का मज़ाक उड़ाया जिसे लोगों ने इतना पसंद किया कि उसे लाखों में  likes मिले,और बाद में यूट्यूब ने इस विवादित बयान वाले वीडियो को  हटा दिया। इस विवाद से मेरे मन में प्रश्न उठता है कि आज के इस डिजिटल युग में यूट्यूब चैनल और टिकटोक जैसे App हमारे समाज को किस तरह प्रभावित कर रहे हैं? 

और मैं आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करने चाहता हूँ की यूट्यूब और टिकटोक में कौन सा एक बेहतर मंच है ? इस  सवाल का जवाब यह है कि ये उस व्यक्ति की अपनी पसंद हो सकती है। परंतु मैं यहां दोनों पर विश्लेषण कर आपको उचित सुझाव देना चाहता हूँ, धीरे-धीरे समाज की ध्यान देने की क्षमता में बहुत कमी आयी है जैसे कि आपको याद होगा पहले लोग मनोरंजन के लिए एक किताब को ध्यान लगा कर एक से दो दिन में पढ़ डालते थे फिर आया सिनेमा जिसे कुछ घंटे में ही देख लेते हैं जिसकी वजह से ध्यान का अंतराल और छोटा हो गया फिर जब डिजिटल युग मे यूट्यूब प्रचलित हुआ तब हमारे ध्यान अंतराल और छोटा हो गया,परंतु टिक टोक ने तो कमाल कर दिया ये तो मात्र 20 सेकंड से 30 सेकंड का ही होता है । अतः इस बात से यह स्पष्ट होता है कि टिकटोक ने हमारे ध्यान देने की क्षमता को इस तरह हानि पहुचाई है कि आज जब हम सिनेमा हॉल में फ़िल्म भी देखते हैं और बीच मे कोई बोर सीन आता है तो हम लोग अपना मोबाइल निकाल कर देखने लगते हैं आज हमारा धैर्य इतना नीचे गिर गया है की आज क्षडीक प्रश्नत्ता ढूंढते हैं। टिक टोक में इन काम समय मे 10 से 15 सेकंड में आप क्या नया सिख सकते हैं कुछ भी नही जबकि कोई भी यूट्यूब चैनल से आप काफी कुछ नया सिख सकते है और तो और आपका ध्यान लगाने की क्षमता पर बुरा असर डालता है जिस से आप की पढ़ाई पर भी बुरी तरह  असर पड़ता है। घंटो टिक टॉक पर लगे रहने से भी कोई दीर्घकालीक लाभ नही  होता बल्कि इन जे उलट आप अवसाद से घिर भी सकते है कि आपने अपना कीमती समय इसमे बर्बाद कर दिया जिस समय मे आप कोई महत्वपूर्ण कार्य कर सकते थे।

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