Mahatma Gandhi

दीवान साहब श्री करमचंद गाँधी जो की राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी के पिता थे l इस कथा का प्रराम्भ उनके घर के आंगन से होता है l आसपास के सभी समवयस्क बच्चे उनके आँगन में खेलते थे l उनके यहाँ लड़के-लड़कियों का भेदभाव नहीं था l कस्तूर माकन परिवार की लड़की थी जिनका घर करमचंद गाँधी जी के घर के पीछे था l  दीवान और माकन परिवार में बहुत ही घनिष्ठ पारिवारिक सम्बन्ध थे l  बचपन से ही कस्तूर एक समझदार और स्वस्थ लड़की थी l 

मोहनदास करमचंद गाँधी जी को उनके माता-पिता बचपन में 'मोनिया' के नाम से पुकारते थे l कहा जाता है की वो कस्तूरबा से छ: महीने छोटे थे परन्तु मोहनदास जी की माँ के लिए यह अंतर उन बच्चो की आत्मीयता के बीच में कोई विशेष मायने नहीं रखता था l

कस्तूरबा गाँधी का प्राम्भिक परिचय 

कस्तूरबा की बा अर्थात माँ का नाम ब्रजकुँवरी था l पिता का नाम गोकुलदास मकन जी था l उनका जन्म पोरबंदर, जिला काठियावाड़ में १८६८ में हुआ था l वो अपने पिता की एकलौती स्नेह प्रिय पुत्री थी l उनके तीन भाई और दो बहने थी l जिनमे से एक भाई और एक बहन का बचपन में ही अल्प आयु में ही देहांत हो गया था l सबसे बड़े भाई व्यस्यक आयु में परिवार को छोड़ कर अलग जीवन यापन करने लगे थे l परिवार में बचे कस्तूर और उनके मंझले भाई माधव दास l 

कस्तूर के पिता गोकुल दास गल्ले और कपास का निर्यात का व्यवसाय करते थे l यही उनके दादा मकन जी कपाड़िया का भी व्यवसाय था l इसी कारण से उन्हें कपाड़िया नाम से जाना गया, परन्तु गोकुल दास, कपाड़िया की जगह अपने नाम के साथ माकन जी लिखने का चलन आरम्भ किया l माकन जी ने अपने व्यवसाय को और विस्तार देकर उसकी शाखाये बम्बई और कलकत्ता में भी स्थापित की l

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